ताजा खबर
कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||    आज से अमेरिका लेगा भारतीयों के खिलाफ एक्शन? H-1B और H-4 वीजा के लिए छोड़नी पड़ेगी प्राइवेसी   ||    'मेरा बेटा बहुत...', सिडनी में हमला करने वाले आतंकी की मां का आया बयान, गोलीबारी पर जानें क्या कहा   ||    ब्रिटेन से निकाले जाएंगे लाखों मुसलमान! भारत पर सबसे ज्यादा असर कैसे?   ||   

पाक को रास नहीं आ रहा भारत-अफगानिस्तान का दोस्ताना, ख्वाजा आसिफ बोले- दिल्ली के हाथ में काबुल की डोर...

Photo Source :

Posted On:Wednesday, October 29, 2025

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर अपने बयानबाज़ी के तेवर तीखे कर दिए हैं और काबुल-नई दिल्ली-इस्लामाबाद त्रिकोण में तनाव की आंच बढ़ती दिख रही है। जीओ न्यूज़ के कार्यक्रम में आसिफ ने अफगान नेतृत्व पर सख़्त आरोप लगाए और कहा कि यदि अफगान पक्ष ने इस्लामाबाद की ओर कोई हमला किया तो उसका जवाब “पचास गुना” ज़्यादा तीव्र होगा — एक ऐसा बयान जिसने क्षेत्रीय कूटनीति को और जटिल बना दिया है।

आसिफ ने अफगान वार्ताकारों की तारीफ़ करते हुए भी यह दावा दोहराया कि वास्तविक नियंत्रण दिल्ली के हाथों में है और काबुल सिर्फ़ किसी बाहरी ताकत की कठपुतली बन कर काम कर रहा है। उनका यह आरोप उस समय आया है जब इस्तांबुल में पाकिस्तान-आफगानिस्तान शांति वार्ता लगभग असफल मानी जा रही है और दोनों तरफ़ से एक-दूसरे पर रिश्वतों व दख़ल के आरोप लगते रहे हैं।

उनके शब्दों में न सिर्फ़ राजनयिक शब्दबाण बल्कि सैन्य चेतावनी भी झलकती है। आसिफ ने कहा कि पिछले चार सालों से काबुल ने “आतंकवादियों” का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कारवाइयों की अनुमति दी है और यदि सीमा के उस पार से कोई भी शाघ़ी प्यास भड़की, तो पाकिस्तान उसे मुंहतोड़ जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। इस तरह के कड़े संकेतों ने सीमावर्ती इलाकों में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।

इस्तांबुल वार्ता के विफल रहने की सूचना और अफगान पक्ष द्वारा ड्रोन संचालन पर पाकिस्तान के साथ की गई समझौतों की खुलेआम स्वीकारोक्ति ने भी मामला जटिल बना दिया है। इन घटनाक्रमों ने दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी को बयां किया है और स्थानीय निगरानी रख रहे विशेषज्ञों का तर्क है कि ऐसे समय में भाषा नर्म रखने की ज़रूरत थी, परन्तु राजनैतिक हितों ने इस संभावना को कम कर दिया है।

विश्लेषक बताते हैं कि आसिफ के बयान एक बड़े राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं — भारत-पाकिस्तान रिश्ते, अफ़गानिस्तान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा की चुनौतियाँ इन तकरारों को और भड़का देती हैं। जहाँ पाकिस्तान काबुल को दिल्ली का एजेंट बताकर अपना गुस्सा व्यक्त कर रहा है, वहीं अफगान और भारतीय पक्ष इस तरह के आरोपों को निराधार या राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित करार देते रहे हैं। सीमा पार हिंसा के हालिया आंकड़े और मिलिट्री झड़पें भी इस असंतुलन को दर्शाती हैं।

अंततः इस बयानबाज़ी का सबसे बड़ा ख़तरा क्षेत्रीय अस्थिरता है। यदि कूटनीतिक चैनल कामयाब न हुए और जल्द बहसों को काबू में नहीं लाया गया तो छोटे-छोटे उभार भी सैन्य टकराव में बदल सकते हैं — और तब न केवल तीनों देशों की सुरक्षा प्रभावित होगी बल्कि अफ़गान सीमा पार के नागरिकों का जीवन भी संकट में आ सकता है। क्षेत्रीय शांति चाहने वालों के लिए अब चुनौतियाँ साफ़ हैं: तीखे रुख़ों को नरम करना और वार्ता की बची हुई कसरतों को फिर से जीवित करना।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.